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गुस्से ने बर्बाद किया इस क्रिकेटर का करियर, कभी होती थी सचिन तेंदुलकर से तुलना

हम आज यहां एक ऐसे खिलाड़ी की बात करने जा रहे हैं, जिनकी तुलना कभी सचिन तेंदुलकर से हुआ करती थी, लेकिन उनके खुद के गुस्से ने उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने के ज्यादा मौके नहीं दिए.

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जी हां! हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे है वो और कोई नहीं बल्कि अंबाती रायडू है. बता दे की वर्ल्ड कप के दौरान भी रायडू अपने गुस्से के कारण ही चर्चा में थे. इसके बाद निराशा में संन्यास लेना और फिर मैदान पर लौटने से भी उनकी छवि को नुकसान हुआ.

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गौरतलब है की अंबाती रायडू की तुलना एक समय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से की जाती थी. लेकिन विवाद उनकी काबिलियत पर हावी हो गए. रायडू ने अपनी धाक 2002 में इंग्लैंड दौरे पर गई अंडर 19 टीम की ओर से जमाई थी.
रायडू ने सीरीज के एक मैच में 177 रन जड़े थे, जिससे वह सभी की नजरों में आ गए. टीम इंडिया में उनका स्‍थान पक्का माना जा रहा था, लेकिन यह खिलाड़ी अपनी काबिलियत और गुस्से के बीच तालमेल बैठाने में असफल रहा, जिसके कारण एक होनहार खिलाड़ी की चमक सही से पूरी दुनिया देख ही नहीं पाई.
टैलेंट के धनी थे अंबाती रायडू

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आंध्र प्रदेश के गुंतूर में जन्मे अंबाती रायुडू का विवादों से गहरा नाता रहा है। माना जा रहा है कि अंबाती रायडू का गुस्सा ही रहा, जिसने उनके टैलेंट को तो खत्म किया है, साथ ही साथ उनके करियर को भी तबाह कर दिया। बता दें कि अंबाती रायडू का 50 मैच खेलने के बाद औसत भारत के सभी खिलाड़ियों से ज्यादा है। इस मामले में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी काफी पीछे हैं।

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50 वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद अंबाती रायुडू का औसत 47.06 का है, जबकि विराट कोहली ने 50 पारियों के बाद तक 44.63 के औसत से रन बनाए थे। इसके अलावा महेंद्र सिंह धोनी अपने करियर की शुरुआत के 50 मैच खेलने के बाद 43.51 के औसत से रन बना पाए थे।
वहीं, शिखर धवन का औसत वनडे की 50 पारियों के बाद 43.60 का था। इनके अलावा टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज कप्तान सौरव गांगुली भी 50 वनडे इंटरनेशल पारियों के बाद 40.26 के औसत से रन बना पाए थे।

अंबाती रायडू और उनके विवाद

बुजुर्ग के साथ मारपीट

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साल 2017 में रायडू पर बुजुर्ग के साथ धक्का-मुक्की का आरोप लगा था। रायडू इस दौरान तेज गति से कार चला रहे थे। तभी सुबह में सैर पर निकले कुछ वरिष्ठ नागरिकों को उनकी कार से धक्का लगा। इसके बाद विरोध जताने पर रायडू कार से बाहर निकले और बुजुर्ग से हाथापाई पर उतर आए थे।
वहां मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई। बताया जाता है कि वहां मौजूद बुजुर्गों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) से भी शिकायत करने की बात कही थी। इससे जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ था। 
कोच और अंपायर से लड़ाई

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करियर के शरुआत में ही साल 2004-05 के रणजी में रायुडू का फॉर्म बेहद खराब रहा। उन्होंने आंध्र प्रदेश के लिए 11.92 की औसत से सिर्फ 155 रन ही बनाए। इस दौरान टीम के कोच राजेश यादव और उनके बीच मनमुटाव हो गया और वो आंध्र को छोड़कर हैदराबाद की टीम में शामिल हो गए। इसके बाद 2005 में पूर्व क्रिकेटर शिवलाल यादव के बेटे अर्जुन से उनकी लड़ाई हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि अर्जुन ने रायुडू पर स्टंप से हमला कर दिया। इसी साल बाद में उनका अंपायर से भी झगड़ा हुआ।
भज्जी से की बहस

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बात 2016 की है. IPL 2016 का 29वां मैच पुणे सुपरजायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जा रहा था. मैच के दौरान मुंबई इंडियंस के दो खिलाड़ी हरभजन सिंह और अंबाती रायडू आपस में भिड़ पड़े बाद में खुद हरभजन ने स्थिति संभालने की कोशिश की मगर जैसा रायडू का रवैया था वो किसी भी कीमत पर हरभजन सिंह के साथ समझौता करने को तैयार नहीं थे. बात इस पारी की हो तो पुणे की पारी का 11वां ओवर चल रहा था.
सौरभ तिवारी ने हरभजन सिंह की गेंद पर शॉट लगाया. बाउंड्री पर अंबाती रायडू थे जिन्होंने डाइव लगाई मगर गेंद रोकन में नाकाम रहे और बॉल बाउंड्री लाइन के पार चली गई और 4 रन हो गए. रायडू की फील्डिंग देखकर हरभजन सिंह नाराज हुए और उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी को कुछ कहा. रायडू को हरभजन का यह व्यवहार नागवार गुजरा. इस बात को लेकर दोनों के बीच खूब बहस हुई. रायडू हार मानने को तैयार नहीं थे और मैदान छोड़कर जाने लगे. हरभजन को स्थिति का अंदाजा था उन्होंने परिपक्वता दिखाते हुए रायुडू को संभाल लिया.
हर्षल पटेल के साथ भी भिड़े

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रायडू की दबंगई का एक कारनामा आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी हर्षल पटेल के साथ भी जुड़ा है। दोनों खिलाड़ियों के बीच मैदान पर कहा-सुनी के बाद रायुडू पर मैच फीस का 100 फीसदा और हर्षल पटेल पर 25 फीसदी का जुर्माना लगा था।
वर्ल्ड कप 2019 से नज़रअंदाज

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वर्ल्ड कप 2019 से पहले भारतीय टीम में नंबर चार के प्रबल दावेदार माने जा रहे अंबाती रायडू की जगह ऑलराउंडर विजय शंकर को 3 डाइमेंशनल प्लेयर बताकर टीम में चुन लिया गया। इसके बाद अंबाती रायडू ने गुस्से में ट्वीट कर दिया कि वे 3D चश्मा खरीदकर वर्ल्ड कप मजा लेंगे। हालांकि, तब तक अंबाती रायुडू को ये बता दिया गया था कि वे रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर हैं।
इसके बाद जब वर्ल्ड कप 2019 के दौरान शिखर धवन के चोटिल होने पर रिषभ पंत को बुलाया गया और फिर विजय शंकर के चोटिल होने के बाद मयंक अग्रवाल को इंग्लैंड भेज दिया गया। ऐसे में अंबाती रायडू का गुस्सा का मीटर काफी ऊपर चढ़ गया और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। बाद में फैसला वापस भी ले लिया, लेकिन शायद तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बहरहाल, यदि कुछ समय के लिए ये मान भी लिया जाए कि टीम और सेलेक्टर्स ने रायडू के साथ नाइंसाफी की भी है तो भी ये कहना कहीं से गलत नहीं है कि अपने कर्मों के कारण रायडू वो भोग रहे हैं जिसकी कल्पना शायद ही कोई खिलाड़ी करता हूं.
खैर, अब जबकि घोषणा हो ही चुकी है तो कहीं न कहीं हमें भी इस बात का यकीन है कि एक दिन वो आएगा जब रायडू को इस बात का एहसास होगा कि वो गलत थे और उन्होंने पैर पर कुल्हाड़ी नहीं बल्कि कुल्हाड़ी पर धार लगवा कर पैर एक बार नहीं बल्कि कई बार मारा है.

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